बदलाव
हर सांस कुछ अधूरी है,
हर नज़र में मजबूरी है,
दुनिया ऐसे बदल गयी,
अब सांसों में एक दूरी है,
अब तो आँखें खोल लो,
इन साँसों को अब मोल दो,
कब तक लड़ना है इन् लोगों से,
क्या ठीक है वो तो सोच लो,
हर तरफ से भीड़ आएगी,
तुमको साथ ले जाएगी,
अब तो बातों को तोल लो,
अब तो रास्ता मोड़ लो,
कब तक पानी आएगा,
इन नवज़ो को थमायेगा,
कब तक पर्वत की लाज में,
हम छुपेंगे उस आगाज़ से,
अपनी आवाज़ को पहचान लो,
दिल को थोड़ा आराम दो,
सदमे की कोई बात नहीं,
क्या हुआ अगर रात हुई,
कल सूरज फिर से चमकेगा,
अख़बार फिर सुबह आएगा,
अब तक जो समय रुका नहीं,
वो कल कोनसा थम जायेगा,
बेटी ना कोई शाप है,
वो नाज़ है वो साज़ है,
सिर्फ घर नहीं उसका राज है,
अब हर दिल यही राग है,
निकल बहार कुछ नया देख,
क्या पता नज़रिया बदल जाए,
एक आंच उठे एक जष्न हो,
क्या पता लोहा पिघल जाए,
मरने से ना ख़तम हो वो वज़ूद कुछ बना जा,
नाम खुद बन जायेगा तू काम करके दिखा जा..
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