पहर
समय का वो पहर गुजर गया,
तेरा वो शहर गुजर गया,
रास्ता कुछ ऐसा मुड़ा मंजिल की तलाश में,
दर्द का हर क़हर गुजर गया,
गुजर गया वो पल जो जीना था,
गुज़रा वो मुकाम जसके लिए सब पीना था,
दोस्ती का वो जुनून गुजर गया,
मेरा सब सुकून गुजर गया,
गुजर गया मेरे लिए पूरा जमाना,
जिस शाम मेरा दोस्त गुजर गया,
गुजर गए वो पल सड़क के किनारे,
जो कभी बने थे कंधे के सहारे,
न जाने फिर कब अचानक वो बहाना ही गुजर गया,
पानी ठहरा नहीं उस दिन,
सूरज जल्दी ढल गया,
उसकी तलाश में मेरा एक और करीबी गुजर गया,
फिर ना खिला वो आसमान,
ना चाँद वो फिरसे चमका,
जिस दिन मेरी चाहत का सितारा गुजर गया,
जिस दिन मेरी चाहत का सितारा गुजर गया.......
तेरा वो शहर गुजर गया,
रास्ता कुछ ऐसा मुड़ा मंजिल की तलाश में,
दर्द का हर क़हर गुजर गया,
गुजर गया वो पल जो जीना था,
गुज़रा वो मुकाम जसके लिए सब पीना था,
दोस्ती का वो जुनून गुजर गया,
मेरा सब सुकून गुजर गया,
गुजर गया मेरे लिए पूरा जमाना,
जिस शाम मेरा दोस्त गुजर गया,
गुजर गए वो पल सड़क के किनारे,
जो कभी बने थे कंधे के सहारे,
न जाने फिर कब अचानक वो बहाना ही गुजर गया,
पानी ठहरा नहीं उस दिन,
सूरज जल्दी ढल गया,
उसकी तलाश में मेरा एक और करीबी गुजर गया,
फिर ना खिला वो आसमान,
ना चाँद वो फिरसे चमका,
जिस दिन मेरी चाहत का सितारा गुजर गया,
जिस दिन मेरी चाहत का सितारा गुजर गया.......
Its a thought I can always relate to..very heart touching
ReplyDeleteThanks behen.. 😊😇
DeleteVery Touching
ReplyDeleteThanks bhai..
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